Published on: 30 Jan 2026
*आईजीयू में उच्च शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीयकरण पहलू के अंतर्गत" पापुआ न्यू गिनी में शैक्षणिक, अनुसंधान और रोजगार के अवसर" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन।*
इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय मीरपुर रेवाड़ी में अंतर्राष्ट्रीय मामले सेल और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में “उच्च शिक्षा में अंतर्राष्ट्रीयकरण पहलू के अंतर्गत" पापुआ न्यू गिनी में शैक्षणिक, अनुसंधान और रोजगार के अवसर" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता प्रोफेसर राजकुमार, पापुआ न्यू गिनी यूनिवर्सिटी ऑफ़ टेक्नोलॉजी, पापुआ न्यू गिनी से रहे।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह एवं निदेशक, अंतरराष्ट्रीय मामले सेल डॉ. रमेश कुमार ने मुख्य वक्ता का फूलों के गुलदस्ते से स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कुलगीत के द्वारा किया गया।
निदेशक, अंतर्राष्ट्रीय मामले सेल एवं जैव प्रौद्योगिकी विभागाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार ने कुलपति प्रोफेसर असीम मिगलानी का संगोष्ठी आयोजन की अनुमति प्रदान करने के लिए धन्यवाद दिया तथा व्याख्यान की रूपरेखा बताते हुए मुख्य वक्ता एवं सभी विद्यार्थियों का स्वागत किया। उन्होंने व्याख्यान के विषय संबंधित जानकारी दी।
मुख्य वक्ता प्रोफेसर राजकुमार ने अपने वक्तव्य में सभी विद्यार्थियों को पापुआ न्यू गिनी व अन्य देशों के विश्वविद्यालय में उच्च शिक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया, उपलब्ध छात्रवृत्तियों, प्रवेश परीक्षा, आवश्यक दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि वे विभिन्न विदेशी छात्रवृत्ति परीक्षाओं की तैयारी कैसे कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से छात्रवृत्ति प्राप्त करने की संभावनाएं कैसे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से उच्च कोटि की सोच रखते हुए बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शिक्षा के पहलू, विद्यार्थियों के समक्ष आने वाली चुनौतियां एवं उनके समाधान के बारे में बताया। व्याख्यान के दौरान, विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान भी किया गया, जिसमें विदेशों में रहने, सांस्कृतिक समायोजन और करियर की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
मुख्य वक्ता ने बताया कि सही मार्गदर्शन और तैयारियों के साथ भारतीय विद्यार्थी दुनिया के शीर्ष विश्वविद्यालयों में दाखिला ले सकते हैं और अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।
कुलसचिव प्रोफेसर दिलबाग सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शोध कार्यो के प्रति निष्ठा पूर्वक प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों में एक्सचेंज प्रोग्राम के अंतर्गत किसी भी संस्थान के विद्यार्थी देश-विदेश के अन्य संस्थानों में शोध कार्यों एवं प्रशिक्षण के लिए आ जा सकते हैं जिसके लिए शैक्षणिक संस्थाओं के साथ एमओयू भी किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक युग में देश-विदेश के विद्यार्थी शोध कार्यों के द्वारा ही अपने देश को विकसित बनाते हैं।
कार्यक्रम के आयोजन सचिव, डॉ. संजय यादव ने मुख्य वक्ता, सभी शिक्षकों व विद्यार्थियों का इस सेमिनार को सफल बनाने के लिए दिल से धन्यवाद किया। इस अवसर पर भौतिकी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुनील कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर सुमन नागपाल, पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष, डॉ. रचना यादव, डॉ. मनोज कुमार मिस मुस्कान, मिस पूजा शोधार्थियों सहित सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।